हिना कांवरे उपाध्यक्ष घोषित, विपक्ष ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष का इस्तीफा मांगा

भोपाल. कांग्रेस विधायक हिना कांवरे को विधानसभा अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष घोषित कर दिया है। उपाध्यक्ष के पद पर जैसे ही हिना कांवरे को निर्वाचन करने की घोषणा हुई, विपक्ष ने अध्यक्ष पर पक्षपात के आरोप लगाते हुए उपाध्यक्ष चयन प्रक्रिया को अलोकतांत्रिक बताकर उनके इस्तीफे की मांग की। हंगामे के बीच 22 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पास कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

अध्यक्ष चुनाव के पैटर्न पर ही उपाध्यक्ष की घोषणा
मंगलवार को हुए विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में जो पैटर्न प्रोटम स्पीकर ने अपनाया था, उसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने उपाध्यक्ष चुनाव में आगे बढ़ाया। कांग्रेस की ओर से हिना कांवरे के पक्ष में पहले चार प्रस्ताव दिए गए। भाजपा के जगदीश देवड़ा के पक्ष में प्रस्ताव पांचवां था। विधानसभा अध्यक्ष ने पहले आए प्रस्ताव को पास करते हुए हिना कांवरे को उपाध्यक्ष घोषित किया। अध्यक्ष द्वारा घोषणा करते हुए विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया, इस कारण सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए रोकनी पड़ी।

शिवराज को बोलने से रोका

इससे पहले चौथे दिन सदन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बुधवार को राज्यसभा में पारित हुए सामान्य वर्ग के आरक्षण बिल पर धन्यवाद ज्ञापित करना शुरू कर दिया। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने हंगामा कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को टोकते हुए कहा कि बिना अनुमति आप कुछ नहीं बोल सकते आप बैठ जाएं। अध्यक्ष की बात सुनते ही विपक्ष के सदस्यों ने भी हंगामा शुरू कर दिया।
शिवराज की बैठने की जगह पर भी आपत्ति: सदन में आज सत्ता पक्ष के विधायकों ने शिवराज सिंह की बैठने की जगह पर भी आपत्ति दर्ज कराते हुए अध्यक्ष से इसकी शिकायत की। दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री सदन में विपक्ष के नेता वाली जगह पर बैठे हुए थे उनके बगल में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव बैठे थे। सत्ता पक्षों के हंगामा और शिकायत करने के बाद शिवराज सिंह ने गोपाल भार्गव से उनकी जगह आने कहा। फिर दोनों ने अपनी सीट बदल ली।

मंत्रालय की रेस में पिछड़ीं तो राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया: मंत्री पद से चूकने के बाद हिना को कांग्रेस ने हाल ही में राष्ट्रीय प्रवक्ता भी बनाया था। इस पर हिना ने कहा कि मंत्री नहीं बन पाना 2018 की बात थी। कांग्रेस ने एक महिला को उपाध्यक्ष पद के लिए मौका दिया है। गौरतलब है कि अब तक की परंपरा के मुताबिक सत्तारूढ़ दल का अध्यक्ष होता था, जबकि उपाध्यक्ष विपक्ष का होता था। लेकिन, इस बार भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शाह से नामांकन भरवाया था। हालांकि सदन में भाजपा के वाॅकआउट के बाद कांग्रेस के एनपी प्रजापति अध्यक्ष बने। इसलिए कांग्रेस ने भी उपाध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी उतार दिया।

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