परीक्षाओ के चलते भी ध्वनि विस्तारक यंत्र ऑपरेटरों को हिदायत नही

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होशंगाबाद। मध्य प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा कक्षा 10 वी और 12 कि बोर्ड परीक्षाएं मार्च के पहले सप्ताह से ही शुरू की जा रही है तो सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाये अभी शुरू हो चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन द्वारा देर रात तक तेज़ आवाज़ में बजने वाले डी जे और अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रो पर पाबंदी या तय समय सीमा तक उपयोग को लेकर अभी तक कोई निर्देश कठोरता से नही दिए है। जिसके चलते मैरिज गार्डनों सहित सड़क पर ह्रदय धड़का देने वाली आवाज़ में डीजे बजाए जा रहे है। वैसे मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के अंतर्गत स्थानीय अधिकारी या पुलिस कार्यवाई कर सकती है , लेकिन परीक्षा के मद्देनजर अभी तक न तो जिला कलेक्टर द्वारा ओर न ही एसडीएम या पुलिस द्वारा कोई मुनादी या नोटिस जारी नही किया है।
बता दे कि मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 (2) सहित अन्य धाराओं में पुलिस सहित मजिस्ट्रेट को ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालो के विरुद्ध कार्यवाई करने की शक्ति प्राप्त है। लेकिन शादी विवाह आदि में बजने वाले डीजे सिस्टम जो कि देर रात तक बजाए जाते है , को लेकर कोई भी मुंनादी या हिदायत नही दी गई है। बता दे कि जिला कलेक्टर द्वारा बोर्ड परीक्षाओं को लेकर उड़न दस्ता बनाये है लेकिन अभी तक सख्ती से देर रात तक डीजे से ध्वनि प्रदूषण करने वालो के लिये हिदायत नही दी गई है। उधर एसडीएम या पुलिस द्वारा भी इन्हें देर रात तक डीजे का उपयोग करने की अनुमति दी जा रही है बल्कि रात 10 बजे के बाद कोलाहल नियंत्रण अधिनियम अंतर्गत तेज़ आवाज़ में डीजे या अन्य यंत्र का उपयोग करना वर्जित है। बता दे कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर छात्र इन दिनों अध्ययन कार्य मे लगे हुए है , ऐसे में रहवासी इलाको में बने मैरिज गार्डन में बजने वाले डीजे आदि से छात्रों को व्यवधान उतपन्न हो रहा है।
उधर डीजे ऑपरेटर भी इस बात से सहमत है कि रात 10 बजे के बाद डीजे की अनुमति न दी जाए साथ ही यदि कार्यक्रम आयोजक द्वारा डीजे का उपयोग देर रात तक किया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्यवाई की जाए न कि डीजे संचालक के विरुद्ध , जिले भर के डीजे संचालक भी छात्र हित मे रात 10 बजे तक डीजे के उपयोग की बात को स्वीकार कर रहे है।