होशंगाबाद में गुटबाजी में घुट रही कांग्रेस

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कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष कपिल फौजदार

मुकेश अवस्थी ।

मध्य प्रदेश की राजनीति में अहम योगदान देने वाला होशंगाबाद जिला इन दिनों सत्ताधारी पार्टी के लोगो के बीच कलह के लिये चर्चित होता जा रहा है। यहां विधानसभा में 4 विधायक भाजपा से है , ऐसे में क्षेत्र के विकास और आमजनो की समस्याओं के लिये भोपाली नेता पी सी शर्मा को प्रभारी मंत्री तो बनाया लेकिन शर्मा जी को भोपाल से ही फुर्सत नही मिल पा रही है। बता दे कि होशंगाबाद जिले की चारो विधानसभा सीटों पर सत्ताधारी दल के 4 गुट बन गए है। जो एक दूसरे को कमतर बताने से बाज नही आ रहे है ।

रसूखदार जिला अध्यक्ष कपिल फौजदार

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार सत्ता तो चला रही है लेकिन संगठन बिखरता जा रहा है , होशंगाबाद जिला नर्मदा और तवा नदियों से होने वाले रेत के दोहन को लेकर सूबे में बड़ा जिला समझा जाने लगा है , यहां कलेक्टर की पोस्टिंग भी प्रदेश के मुखिया सोच समझ कर ही करते है। लेकिन चारो सीट हारने के बाद भी कमलनाथ जिले के कांग्रेसियों के बीच समन्वय नही बना पाए है, इन दिनों होशंगाबाद ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष कपिल फौजदार पर भी भाजपाई नेताओ से नजदीकियों के आरोप लगने लगे है , नर्मदा जयंती के मौके पर प्रभारी मंत्री पी सी शर्मा के सामने कपिल फौजदार के खिलाफ नारेबाजी की गई, उन पर भाजपा के लोगो से मिलकर नर्मदा जयंती के कार्यक्रम में बुलाने का आरोप लगा , तो सोहागपुर में भी गुटबाजी के चलते वरिष्ठ नेता अजय सिंह राहुल भैया के हाकी टूर्नामेंट के समापन दौरे पर पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल सहित नगर पालिका अध्यक्ष संतोष मालवीय को नही बुलाया गया। बता दे की होशंगाबाद जिले की सोहागपुर विधानसभा में 4 गुट बन गए है जिनमे एक गुट पूर्व विधायक सविता दीवान शर्मा , दूसरा गुट पूर्व विधायक अर्जुन पलिया सतपाल पलिया , तीसरा गुट संतोष मालवीय ओर पुष्प राज पटेल गुट और चौथे गुट में वह सभी नेता जो तीनों में शामिल नही है ।
सवाल उठता है कांग्रेस में यदि इस प्रकार की गुटबाजी बनी रही तो सत्ता में होते हुए भी नगरीय निकायों के चुनाव में क्या असर पड़ेगा। वही आने वाले चुनावो में किसे प्रत्यशी बनाया जाएगा , संगठन स्तर पर

कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष कपिल फौजदार

विधानसभा चुनाव के ठीक बाद कमलनाथ के दरवार में होशंगाबाद ओर नरसिहपुर जिला के सभी नेताओं , पूर्व विधायक , नगर पालिका अध्यक्षयो आदि की हाजिरी भी लग चुकी है जहां आरोप प्रत्यारोप भी लग चुके है फिर भी जिले के नेताओ में समन्वय नही बन पाया है।
कांग्रेसियों के आपसी गुटबाजी के चलते न तो जिले में विकास हो रहा है और न ही योजनाओं का उचित क्रियान्वयन हो रहा है , जिले में रेत की चोरी , जुआ सट्टा सहित अन्य माफिया स्तर के अवैध काम शुरू हो गए है।

जिला अध्यक्ष बदलने की मांग

बता दे कि कपिल फौजदार को लेकर विधानसभा चुनाव के बाद से जिले के चारो प्रतयाशीयो ने नाराजगी व्यक्त की थी। फौजदार पर बीजेपी के लोगो से सांठगांठ के आरोप भी लगाए गए , चर्चा इस बात की भी उठी की कपिल फौजदर ने पूर्व में भाजपा नेताओ को गाड़ियां ओर चन्दा मुहैया करवाया है। साल भर में कई बार कपिल फौजदार के खिलाफ जिले के वरिष्ठ कांग्रेसी लामबन्द हो चुके है , लेकिन सत्ता को संभालने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ संगठन की कमजोरी ओर गुटबाजी में उलझी कांग्रेस को एकजुट नही कर पा रहे है , नुकसान आमजन का हो रहा है , जब सत्ताधारी पार्टी के प्रतिनिधि न हो तो कार्यकर्ता को कमान सम्भालना चाहिये लेकिन क्षेत्र में उसके विपरीत माहौल बनता जा रहा है।