हेराफेरी कर संविलियन कराने वाले शिक्षक का विभाग ने किया तबादल, लेकिन जांच अभी पेंडिग –  चुपचाप रिलीव करने की तैयारी   

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नवलोक समाचार, सोहागपुर.

यहां एस जे एल उत्‍कृष्‍ट संकुल के ग्राम बिछुआ माध्‍यमिक शाला में पदस्‍थ शिक्षक अरूण अवस्‍थी का आनलाइन प्रक्रिया में छतरपुर तबादला कर दिया गया है, जबकि उक्‍त शिक्षक बीएड की फर्जी अंक सूची का लाभ लेकर नौकरी कर रहा है. फर्जी अंकसूची होने के चलते उसका संविलियन 2012 में नही हुआ था, जिसके बाद एस जे एल के एक बाबू और जिला शिक्षा अधिकारी अनिल वैध द्वारा 15 दिसंबर 2018 को नियम विरूद्य तरीके से संविलियन आदेश जारी किया गया. जिसकी जांच जे डी संतोष उपाध्‍याय द्वारा की गई और एस जे एल स्‍कूल के एकाउन्‍टेंट को सस्‍पेंड किया गया और प्राचार्य हेमंत भटट के सस्‍पेंशन को प्रस्‍ताव डीपीआई भेजा गया है.

भारतीय शिक्षा परिषद लखनऊ संस्‍था की अरूण अवस्‍थी की बी एड की अंकसूची
भारतीय शिक्षा परिषद लखनऊ संस्‍था की अरूण अवस्‍थी की बी एड की अंकसूची

बता दे कि मूलत छतरपुर की चंदला तहसील का रहने वाला अरूण अवस्‍थी ने लखनउ उत्‍तर प्रदेश के भारतीय शिक्षा परिषद की बीएड की अंकसूची का उपयोग कर संविदा वर्ग 2 में लाभ लिया था, लेकिन संविलियन प्रक्रिया के दौरान वस्‍तुपरक मूल्‍यांकन पञक के साथ जब भारतीय शिक्षा परिषद की अंकसूची को लगाकर भेजा तो छानबीन समिति ने अंकसूची को फर्जी मानकर उसका संविलियन नही किया था, लेकिन एस जे एल संकुल प्राचार्य द्वारा उसका वेतन अध्‍यापाक संवर्ग का पूरा निकाला गया. मामला जब संज्ञान में आया कि शासन द्वारा अध्‍यापको के शिक्षा विभाग में विलीनीकरण की प्रकिया के लिए अध्‍यापको से उनके नियुक्ति आदेश सहित संविलियन आदेश बुलवाए गये, जब अरूण अवस्‍थी के पास संविलियन आदेश नही मिला तो एस जे एल संकुल में हड़कंप मच गया. बता दे उसके बाद एस जे एल संकुल के एक बाबू ने अरूण अवस्‍थी के संविलियन जिम्‍मेदारी ली और स्‍कूल से ही संविलियन के लिये वस्‍तुपरक मूल्‍यांकन पञक बिना बनाकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय होशंगाबाद के बाबूओ की मदद से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की नोट शीट पर सीईओ जिला पंचायत का अनुमोदन हस्‍ताक्षर करवाकर डीईओ अनिल वैध द्वारा एडिशनल सीईओ के चार्च में संविलियन आदेश पर हस्‍ताक्षर कर नियम विरूद्य आदेश जारी कर दिया गया.‍ जिसमें शर्त लिखी गई है कि यदि बी एड या डी एड की अंकसूची संदिग्‍ध पाई जाती है तो आदेश स्‍वत ही निरस्‍त माना जाये.

 

होशंगाबाद डीईओ अनिल वैध द्वारा 15 दिसंबर 2018 को जारी किया गया शिक्षक अरूण अवस्‍थी का संदेहास्‍पद और कंडिशनल संविलियन आदेश

अब शासन द्वारा तबादले की आन लाइन प्रक्रिया के अंतर्गत किये गए आवेदन पर अरूण अवस्‍थी का तबादला छतरपुर हो गया है, जिसके चलते एस जे एल संकुल के बाबू द्वारा उसे चुपचाप सांठगांठ के चलते रिलीव करने की तैयारी चल रही है. बता दे कि अरूण अवस्‍थी द्वारा बीएड की फर्जी अंकसूची का लाभ लेकर नौकरी पाने की शिकायल लोक शिक्षण्‍ संचालनालय सहित लोकायुक्‍त में भी गई है वही इसी प्रकरण में एस जे एल उत्‍कृष्‍ट स्‍कूल के एकान्‍टेंट एन पी जोशी सस्‍पेंड हो चुका है तो प्राचार्य के खिलाफ सस्‍पेशन का प्रस्‍ताव आयुक्‍त लोक शिक्षण संचालनालय के पास भेजा गया.