आईटीआई प्रशिक्षक से छात्राएं परेशान शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

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आईटीआई प्रशिक्षक से छात्राएं परेशान शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
राजू प्रजापति रायसेन.
जिले की औद्योगिक नगरी मण्डीदीप से सटे विश्वप्रशिद्ध भोजपुर के पास मेदुआ के पास बनी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण केन्द्र में पदस्थ्य गुरूदत्त गौड़ की करतूतों से परेशान छात्र-छात्राओं ने औबेदुल्लागंज थाना अंतर्गत पुलिस चैकी भोजपुर में शुक्रवार की दोपहर लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है कि तथाकथित प्रशिक्षक गौड छात्राओं से शराब के नशे में अभदृता करता है। छात्राओं की शिकायत के बाद आवेदन में की गई शिकायत पर बारीकी से चांज की जा रही है। वहीं छात्राओं ने विगत 10 अप्रैल को सीएम हेल्प लाईन पर भी शिकायत दर्ज कराई थी इसके साथ ही लिखित रूप से संस्था के प्राचार्य श्याम मिश्रा को भी शिकायत दर्ज कराई है। जिसके फलस्वरूप प्रार्चाय श्री मिश्रा ने शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए औद्योगित प्रशिक्षण ज्वाईन डायरेक्टर को अवगत कराया है। हालांकि कि श्री गोड के घृणित कृत्य पर पुलिस ने कोई संगीन अपराध दर्ज न करते हुए महज खानापूर्ति ही की है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि महिलाओं के प्रति बड़ रहे अपराधों के प्रति सरकार और कानून की मंशा स्पष्ट हो रही है। अब देखना यह होगा कि क्या आरोपी के विरूद्ध कोई ठोस कार्रवाई कर इन छात्राओं को न्याय मिल सकेगा या नहीं । 
 भले ही प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और शिक्षा को लेकिर सरकारें बड़े-बड़े वादे करते हुए नहीं थक रहीं हों। लेकिन हकीकत में इन वादों की जमीनी हकीकत की कलई तब खुलकर सामने आ जाती है। जब सालों से शासकीय संस्थाओं में ही सरकारी कर्मचारियों के द्वारा ही महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार और अत्याचारों की घटनाएं सामने आती है। ऐसा ही मामला है आईटीआई मेदुआ का जहां सालों से संस्था का प्रशिक्षक तथाकथित प्रशिक्षक छात्राओं को शराब के नशे में डांस करने पर मजबूर करता है और बाद में डांस के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर देता है। हालांकि इस पूरे प्रकण में अभी तक कोई ठोस कार्रवाही नहीं हुई है। पीड़ित छात्राओं ने हिम्मत जुटाकर आताताई प्रशिक्षक की करतूतों की शिकायत सीएम हेल्पलाईन और पुलिस चैकी में दर्ज कराई है। लेकिन मजे की बात यह है कि पुलिस के आला अधिकारी पूरे मामले में कुछ भी कहने के पहले जांच का पर्दा डालने पर अमादा है। हालांकि जो कथन छात्राओ ंने पुलिस को दर्ज कराए है उस पर कार्रवाही होती है तो आताताई दुराचारी प्रशिक्षक पर क्या कारवाई होगी यह ता भविष्य बताएगा। लेकिन अभी तो इस घटना से कई छात्राओं का पढना बीच में ही बंद हो चुका है और कई छात्राएं घबरा कर अपनी पढाई को बिराम दे चुकी है।
जो शिकायत दर्ज हुई है और वीडियो और ओडियों रिकार्डिग छात्राओ ंने मीडिया को उपलब्ध कराई है। उससे उजागर होता है कि तथाकथित प्रशिक्षक अपने आप को बड़ा दबंग बताता है। इन आॅडियों में बह छात्राओं को उठा लेने की धमकी देता हुआ सुनाई दे रहा है। साथ ही उसके द्वारा रखी गई डिमाण्ड पूरा नहीं करने पर वह छात्राओं के भविष्य को बर्बाद करने की धमकी भी दे रहा है।

निषर्कशः इस पूरे मामले पर गौर किया जाए तो यह उजागार होता है कि महिलाओें के प्रति लोगों की सोच स्पष्ट हो रही है। जहां सरकार महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारने और शिक्षा का दायरा बढाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ लोगों के कारण सरकार की मंशा पर तो पलीता लग ही रहा है। साथ ही करोड़ों की धन राशि भी इन संस्थाओं में खर्च कर उद्देश्यों की पूर्ति से कोसों दूर खड़ी दिखाई दे रही है।