आकाशवाणी को बंद करने का निर्णय गांव-गरीब और किसान को सूचना एवं ज्ञान से वंचित करने का प्रयास -शोभा

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राजू प्रजापति
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भोपाल। केंद्र में काबिज भाजपा की मोदी सरकार द्वारा आकाशवाणी को अचानक बंद करने का निर्णय गांव-गरीब और किसान को जरूरी सूचनाओं तथा ज्ञान से वंचित करने का प्रयास है! केंद्र सरकार के इस निर्णय से देश के हर वर्ग को मिलने वाली सस्ती, सरल और सहज सूचनाओं से वंचित कर सूचना के अधिकार को प्राइवेट ब्राॅडकास्टिंग करने वाली पूंजीपतियों के हाथ बेचने का काम किया गया है।यह आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने केंद्र की मोदी सरकार पर लगाया है। अपने आरोप में उन्होंने कहा है कि कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों ने जन सूचना के तंत्रकोगांव-गरीब और आम जनता तक पहुंचाने के लिए पहले आकाशवाणी और फिर दूरदर्शन का व्यापक विस्तार कर उन्हें सूचना के द्वारा जागरूक बनाने का प्रयास किया है। स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने सूचना क्रांति के द्वारा ज्ञान से समृद्ध भारत का निर्माण करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।श्रीमती शोभा ओझा ने आगे कहा है कि संचार ने सस्ती सुलभ और सरल माध्यम से जहां देश के युवाओं को शिक्षा, किसानों को खेती,महिलाओं-बच्चों और आम जनता को स्वास्थ्य के साथ बेहतर जीवन जीने की कला और मनोरंजन के द्वारा समृद्ध बनाने का काम किया है वही आकाशवाणी ने पूरे देश को एक सूत्र में जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग की अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने भाजपा की केंद्र शासित मोदी सरकार द्वारा आकाशवाणी को बंद करने के निर्णय को बेहद आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री की बेहद उबाऊ मन की बातों को जनता द्वारा नकारे जाने के चलते, उनसे सूचना का सस्ता सहज सरल और सुलभ माध्यम छीन कर इसे पूंजीपतियों को बेचने का षड्यंत्र किया गया है। उन्होंने सरकार से अपने इस निर्णय को वापस लेकर आकाशवाणी को यथावत चालू रखने की मांग की है।