12 शहर ठंड से ठिठुरे; फसलों के नुकसान पर मुख्यमंत्री ने कहा- किसान भाई सरकार आपके साथ

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भोपाल. प्रदेश में शीतलहर और कड़ाके की ठंड अब जानलेवा बन गई है। चाहे वह इंसान हो या खेतों में लहलहाती फसल। नुकसान दोनों को हो रहा है। भोपाल, इंदौर और देवास समेत प्रदेश के दस जिलों में पाला पड़ने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उधर, अशोकनगर और खरगोन में ठंड की वजह से दो लोगों की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पाला से प्रभावित हुई फसल के विषय को संवेदनशीलता से लिया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस विषय में विस्तार से जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि किसान भाई धैर्य रखें सरकार आपके साथ है। मुख्यमंत्री ने पाला प्रभावित सभी जिलों के कलेक्टर्स को प्रभावित फसल के त्वरित सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। कमलनाथ 2 जनवरी को पाला प्रभावित फसल के संबंध में विभागीय अधिकारियों की भोपाल में बैठक लेंगे। इस समय कमलनाथ अपने गृह जिले छिंदवाड़ा के दौरे पर हैं।
प्रदेश में सोमवार की रात 12 शहरों में तापमान 4 डिग्री या उसके आसपास रहा। इसमें दतिया, खजुराहो, बैतूल, पचमढ़ी, ग्वालियर, रीवा, नौगांव, सीधी, मंडला, दमोह, जबलपुर और उमरिया में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रहा। वहीं, मौसम विभाग ने राजगढ़, देवास, शाजापुर, रतलाम, उज्जैन, उमरिया, मंडला बालाघाट, सिवनी, छतरपुर, दमोह, ग्वालियर, दतिया एवं होशंगाबाद जिलों में पाला पड़ने की संभावना जताई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, एक जनवरी को हिमालय क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ के पहुंचने के संकेत मिले हैं। अगले 24 घंटों के दौरान उज्जैन, रीवा, जबलपुर, सागर संभाग के जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। इधर, कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि कड़ाके की ठंड से फसलें खराब होने की खबरें प्रदेश भर से प्राप्त हो रही है, अधिकारियों से इस संबंध में फ़ोन पर चर्चा कर निर्देशित किया है कि तत्काल सर्वे कराकर रिपोर्ट दें।