महंगा होगा दो दिनों तक महाकाल का दर्शन, नए साल पर भस्मआरती में वीआईपी को मिलेगा प्रवेश

0
117

नए साल में महाकाल के दर्शन के लिए जेब ढीली करनी होगी और अगर जेब ढीली नहीं करनी है तो वीआईपी की पैरवी लगानी होगी। नए साल में भस्मआरती थोड़ी महंगी होने जा रही है यही नहीं ऑनलाइन मिलने वाली अनुमति भी बंद कर दी गई है।
अगर आप नए साल में बिना किसी तैयारी के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के होने वाली भस्मआरती के लिए पहुंचने की योजना बना रहे हैं तो रुक जाइए। क्योंकि श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के होने वाली भस्मआरती में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को सिर्फ अतिविशिष्ठ दर्शनार्थी ही शामिल हो सकेंगे। मंदिर समिति आगामी दो दिनों तक ऑनलाइन जारी की जाने वाली अनुमति को बंद रखने की योजना है।

महाकालेश्वर मंदिर में हर दिन तड़के 4 से 6 बजे तक भस्मआरती होती है। इसमें शामिल होने के लिए इच्छुक श्रद्धालु को मंदिर प्रबंध समिति से अनुमति लेनी होती है। सुबह की आरती के लिए समिति करीब 1800 लोगों को पास जारी करता है। इनमें से 400 लोगों को अनुमति ऑनलाइन बुकिंग के दौरान दी जाती है, जिसे कोई भी ऑनलाइन बुक करा सकता है। 550 सामान्य दर्शनार्थियों को मंदिर के काउंटर पर ऑफलाइन टिकट दी जाती है। जबकि शेष 850 परमिशन प्रोटोकॉल से दी जाती है। इन 850 लोगों में सभी सरकारी विभागों, पुलिस, केंद्र और राज्य सरकार के जनप्रतिनिधियों व दफ्तरों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, मीडिया दफ्तरों, पंडे-पुजारियों के अनुशंसा पत्रों के आधार पर वीआईपी श्रेणी में दी जाती है।
स्कूलों की छुट्टी के बाद बढ़ी भीड़
बता दें कि इनदिनों स्कूलों में छुट्टी होने की वजह से मंदिरों में दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ गई है। भस्मआरती में भी औसत 1600 परमिशन रोज जारी हो रही है। मंदिर समिति ने 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए ऑनलाइन अनुमति बंद कर दी है। मदिंर के प्रशासन का कहना है कि दो दिन केवल ऑफलाइन परमिशन ही जारी की जाएगी। ऑनलाइन जारी होने वाली 400 परमिशन ऑफलाइन से प्रोटोकॉल श्रेणी में जारी होगी। क्योंकि दो दिन देशभर से प्रोटोकॉल से आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या ज्यादा रहती है।

गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा दो दिन
मंदिर समिति के प्रशासक अभिषेक दुबे ने बताया कि श्रद्धालुओं को नंदीगृह के पीछे बेरिकेड्स से दर्शन कराए जाने की विशेष व्यवस्था की है। दर्शनार्थी सशुल्क दर्शन व्यवस्था का भी लाभ ले सकते हैं। इसके लिए मंदिर के अगले हिस्से में और पीछे शंखद्वार वाले हिस्से में काउंटर हैं। यहां से सशुल्क दर्शन पास लेने वालों के प्रवेश और निर्गम की भी व्यवस्था अलग की गई है।