हाई कोर्ट के फैसले के बाद 35 हाईराइज मल्टियों में 3500 से ज्यादा फ्लैट-दुकान की रजिस्ट्री शुरू

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इंदौर. हाईराइज मल्टी में घनत्व मामले को लेकर हाई कोर्ट में लगे केस के निराकरण के बाद इसमें रजिस्ट्रियां होने पर लगी रोक हट गई है। इसके बाद जिला पंजीयन विभाग इंदौर ने रजिस्ट्रियां करना शुरू कर दिया है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी राहत मिली है।
कोर्ट में पेश जानकारी के अनुसार इंदौर में 35 हाईराइज मल्टी हैं। इनमें 3500 से ज्यादा फ्लैट-दुकान हैं। इन मल्टी में रजिस्ट्रियां वापस शुरू होने से पंजीयन विभाग को भी डेढ़ सौ करोड़ से अधिक का पंजीयन राजस्व मिल सकेगा। इंदौर दफ्तर में गुरुवार को तीन से चार रजिस्ट्रियां इन मल्टी में हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि घनत्व मुद्दे को लेकर करीब एक साल से हाई कोर्ट में केस चल रहा था। बाद में इस मामले में कुछ लोगों द्वारा आपत्ति ली गई कि केस चलने के बाद भी इंदौर में इनकी रजिस्ट्रियां हो रही हैं। इसके बाद पंजीयन विभाग ने रजिस्ट्रियां होने पर रोक लगा दी थी।

नई गाइडलाइन : काम हुआ शुरू, उप पंजीयकों को भेजा पत्र, फरवरी तक करना है फाइनल
1 अप्रैल 2019 से लागू होने वाली प्रॉपर्टी की नई गाइडलाइन को लेकर फिर पंजीयन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने इसके लिए सभी उप पंजीयकों को पत्र जारी कर इसकी प्रक्रिया करने के लिए बोल दिया है।

उप पंजीयक स‌र्वे रिपोर्ट बनाकर अपने क्षेत्रों में प्रॉपर्टी के नए दाम प्रस्तावित करेंगे। मार्च प्रथम सप्ताह में लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू हो जाएगी।

ऐसे में विभाग और मप्र शासन को वित्तीय साल 2019-20 की गाइड लाइन के लिए काम शुरू कर फरवरी में भी फाइनल गाइड लाइन जारी करनी होगी, नहीं तो नई गाइड लाइन लागू नहीं हो सकेगी।