मंत्रियों के विभागों पर असहमति; गृह और स्वास्थ्य पर पेंच, आते-आते देर रात फिर अटक गई सूची

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भोपाल . शपथ ग्रहण के 72 घंटे बाद भी कांग्रेस सरकार मंत्रियों के विभाग फाइनल नहीं कर पाई है। गुरुवार को कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच तीन दौर की बातचीत के बावजूद विभाग बंटवारे पर एक राय नहीं बनी। गृह, वित्त, स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन समेत कुछ बड़े विभागों पर तीनों नेता असहमत हैं।

सबसे ज्यादा पेंच गृह और स्वास्थ्य पर फंसा है। हालांकि अन्य विभागों पर राय बनने के बाद इनकी सूची दिल्ली में पार्टी आलाकमान को भेज दी गई है। इससे पहले दिन में कमलनाथ ने सिंधिया के साथ लंबी चर्चा की। दिग्विजय के साथ भी उनकी दो बार बात हुई।

सीएम जनता से जुड़े प्रमुख विभागों गृह, नगरीय प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अपने ही समर्थकों के पास रखना चाहते हैं। पर इन विभागों में से एक-दो पर दिग्विजय और सिंधिया एकमत नहीं हैं। इसीलिए दिन में चले मंथन के बाद देर रात सूची आते-आते अटक गई।
यहां फंसा पेंच…. सिंधिया दो विभागों को लेकर नाथ-दिग्गी से असहमत
नाथ-दिग्विजय द्वारा स्वास्थ्य और नगरीय प्रशासन पर जिन मंत्रियों के नाम तय किए जा रहे हैं, उन पर सिंधिया ने असहमति जताई है। वे डॉ. प्रभुराम चौधरी के लिए स्वास्थ्य विभाग चाहते हैं, जबकि चौधरी को स्कूल शिक्षा दिया जाना प्रस्तावित है।

इसी तरह तुलसी सिलावट को गृह या नगरीय प्रशासन विभाग जैसा डिपार्टमेंट दिलाए जाने के लिए सिंधिया जोर लगा रहे हैं, फिलहाल सिलावट को स्वास्थ्य दिया जाना प्रस्तावित है। फिलहाल जो सूची बनेगी वह प्रदेश प्रभारी महासचिव दीपक बावरिया से अनुमोदित कराई जाएगी।

युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने की चर्चा…
विभागों के बंटवारे में खास बात यह है कि कैबिनेट में शामिल किए गए युवा विधायकों में दिग्विजय के पुत्र जयवर्धन समेत उमंग सिंघार को वन, तरुण भानोत को नगरीय प्रशासन, प्रियव्रत सिंह को ऊर्जा और सचिन यादव को कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे जाने की खबर है।