यूरिया लेने आए किसानों पर लाठीचार्ज के मामले की डीजीपी करेंगे जांच, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

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भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने रायसेन और शिवपुरी के करैरा में खाद लेने आए किसानों पर लाठियां चलाने के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने डीजीपी को इस मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। असल में, किसान यूरिया लेने के लिए कतार में खड़े थे, वहां पर भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था की स्थिति बन रही थी, तभी पुलिस ने उन पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। इससे कुछ किसानों को गंभीर चोंटे भी आई थीं, जिससे उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

रायसेन और करैरा में पुलिस की लाठीचार्ज की खबरें मुख्यमंत्री कमलनाथ तक पहुंचीं। इस पर कमलनाथ ने नाराज़गी जताई और डीजीपी को निर्देश दिया है कि वो तत्काल इस मामले की जांच कराएं। उन्होंने डीजीपी कहा है कि जांच करें कि किसानों पर बलप्रयोग की स्थिति क्यों बनी।

क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बलप्रयोग किया गया या अनावश्यक कारण से लाठियां चलाई गईं। अगर अनावश्यक बलप्रयोग किया गया है तो दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बता दें कि मुख्यमंत्री कमलनाथ पहले ही कह चुके हैं कि ये किसान हितैषी सरकार है। प्रशासन से उन्होंने कहा है कि सरकार किसानों का दमन किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ये बीजेपी सरकार नहीं है, जिसमें किसानो के सीने पर गोलियां दाग़ी गयी थीं।

केंद्र सरकार ने बढ़ाया मध्य प्रदेश का कोटा

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ के प्रयासों के बाद से केंद्र सरकार ने मध्यप्रदेश के यूरिया कोटा का आवंटन बढ़ा दिया है। प्रदेश को जनवरी महीने में अब 2.52 लाख मीट्रिक यूरिया मिलेगा।

करेरा में किसान का आरोप : पुलिस ने हमें पीटा
जिला अस्पताल में भर्ती किसान मुकेश (30) पुत्र धनीराम कुशवाह निवासी चिलौद ने दैनिक भास्कर को बताया कि वह सुबह 8 बजे से लाइन में लगा था। दोपहर 12 बजे जैसे ही ट्रक आया तो सभी लोगों ने खाद की मांग की। वहां पुलिस खड़ी थी। पुलिस ने हमें ही डंडों से पीटा जिससे मेरी अंगुली और पैरों के पास चोट आई है।

थाना प्रभारी की सफाई : भीड़ में दबने से आई किसान को चोट थाना प्रभारी राकेश शर्मा का कहना है कि वे मौके पर पहुंचे तो भीड़ बहुत थी। वहां लाइन तोड़कर किसान आगे पीछे हो रहे थे। हम जब वहां पहुंचे, तब एक किसान भीड़ में दबा था। इसी कारण उसे चोट आई। पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया। घायल किसान को इलाज के लिए हमने अस्पताल भिजवाया गया है।