राजस्व के निराकरण के लिए 1 जनवरी से अभियान कलेक्टर ने अभियान के प्रभावी निर्देश

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राजू प्रजापति मो 9926536689 prajapatiraju71@gmailCom

रायसेन ।राजस्व मामलों के निराकरण के लिए 01 जनवरी 2019 से 31 जनवरी 2019 तक राजस्व अभियान चलाया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा द्वारा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा ने अभियान के दौरान पटवारियों के मध्य कार्य विभाजन इस प्रकार करने के निर्देश दिए हैं कि नियत समय अवधि में प्रत्येक पटवारी के प्रभार के क्षेत्र में अपेक्षित गतिविधियां पूर्ण हो सके तथा ग्रामवासियों से संवाद का अवसर भी मिल सके। सभी पटवारियों का प्रभार क्षेत्र में मुख्यालय निर्धारण एसडीएम तथा तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। पटवारी के ग्राम पंचायतों में भ्रमण के पूर्व ग्राम के कोटवार से मुनादी करवाकर ग्राम पंचायत मुख्यालय तथा उसके आसपास के ग्राम में व्यापक प्रचार-प्रसार करवाने के निर्देश दिए गए हैं। तहसीलदार तथा नायब तहसीलदारों को अपने प्रभार क्षेत्र में कार्यरत पटवारियों से टूर डायरी प्रतिमाह प्राप्त करने तथा टूर डायरी से उनके द्वारा किए गए कार्यो का मिलान करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के दौरान राजस्व अमले को ग्रामों में राजस्व गतिविधियां करते हुए ग्राम के जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों से मिलकर उन्हें अभियान के बारे में अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर श्रीमती एस प्रिया मिश्रा ने एसडीएम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार को अपने-अपने क्षेत्र में अभियान में भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायतों में केम्प कोर्ट लगाकर राजव प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राजस्व निरीक्षक तथा पटवारियों द्वारा की जा रही गतिविधियों की मॉनीटरिंग कर उनके कार्य की समीक्षा करने तथा स्थानीय लोगों से फीड बैक लेने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के दौरान एसडीएम अन्य विभागों के अमलों की सक्रियता भी ग्राम पंचायत स्तर पर सुनिश्चित करेंगे जिससे इस अभियान के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, कृषि, पशुपालन एवं ग्रामीण विकास की गतिविधियों को भी आम जनता तक पहुंचाया जा सके। अभियान के दौरान प्रशिक्षु पटवारियों को पूर्व से कार्यरत पटवारियों के साथ संलग्न कर उन्हें इस कार्य का भी व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए गए है।ं

प्रत्येक ग्राम पंचायत में चौपाल लगाकर किया जाएगा बी-1 का वाचन
इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम चौपाल का आयोजन कर बी-1 का वाचन किया जाएगा और अविवादित नामांतरण, बटवारा तथा सीमांकन के प्रकरणों का चिन्हांकन कर उन्हें राजस्व अभिलेखीकृत करते हुए समय सीमा में निराकृत करवाया जाएगा। साथ ही रबी फसलों की 100 प्रतिशत गिरदावरी एवं उसकी राजस्व अभिलेखों में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी। गिरदावरी के दौरान बोई गई फसल, सिंचाई के साधन यथा ट्यूबवैल, कुए, तालाब, नहर, ड्रिप इरीकेशन आदि को दर्ज किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक खाते की भूमि में खड़े वृक्षों का प्रजातिवार भी उल्लेख किया जाएगा।
इस अभियान के दौरान प्रत्येक खाते की कृषि भूमि में निर्मित कच्चे, पक्के निर्माण की प्रविष्टि भी की जाएगी तथा भूमि व्यपवर्तन के प्रकरणों का चिन्हांकन कर उनमें नवीन प्रावधानों के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इस अभियान के अंत में सभी संशोधन, प्रविष्टि को खसरे में दर्ज किया जाएगा। इसके पश्चात दर्ज प्रविष्टि का मिलान कर राजस्व अधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रति सभी ग्रामीणों को वितरित की जाएगी।

अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित की जाएगी कार्यशाला

इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक अनुविभाग में अनुविभागीय अधिकारी तथा तहसीलदार, नायब तहसीलदार द्वारा 18 दिसम्बर को कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में महिला बाल विकास, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, खाद्य, सहकारिता एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास विभाग आदि को अमला को भी आमंत्रित किया जाएगा तथा अभियान के दौरान ग्रामीण स्तर पर अपनी विभागीय गतिविधियों को हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के लिए निर्देशित करेंगे।
तहसील स्तर पर तहसीलदार द्वारा एसडीएम की उपस्थिति में 19 तथा 20 दिसम्बर को कार्यशाला आयोजित की जाएगी। राजस्व निरीक्षक वृत्त स्तर पर राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी 21 से 29 दिसम्बर तक इस अभियान के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए तैयारियां करेंगे। राजस्व अभियान की शुरूआत बी-1 के वाचन से होगी जो कि 01 जनवरी 2019 से 06 जनवरी 2019 तक किया जाएगा। अविवादित नामांतरण, बटवारा एवं सीमांकन के प्रकरणों का चिन्हांकन 01 जनवरी से 06 जनवरी तक किया जाएगा। राजस्व प्रकरणों को दर्ज कर निराकरण 02 जनवरी से 25 जनवरी तक किया जाएगा। राजस्व प्रकरणों का ग्राम स्तर पर भ्रमण के दौरान राजस्व अधिकारियों द्वारा केम्प कोर्ट लगाकर निराकरण एवं अन्य विभागों की मैदानी समीक्षा 07 जनवरी से 25 जनवरी तक की जाएगी। निराकृत प्रकरणों की जानकारी का संकलन 27 जनवरी से 30 जनवरी तक किया जाएगा। अनुविभाग तथा तहसील स्तर से जिला कार्यालय को जानकारी प्रेषण 31 जनवरी तक किया जाएगा।