हादसे से बैतूल की पूनम दिव्यांग हुई तो राजकोट के चिराग ने आकर भरे खुशियों के रंग

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बैतूल. बैतूल की पूनम और राजकोट (गुजरात) के चिराग की कहानी किसी मुंबइया फिल्म से कम नहीं। पूनम के साथ हुए एक हादसे में उसका दांया हाथ खराब हो गया। घटना ने उसके जीवन में अंधेरा ला दिया था, लेकिन इसी हादसे की वजह से आज उसकी जिंदगी में गुजरात के चिराग ने आकर नई रोशनी ला दी है। पूनम कहती है, ये हादसा नहीं होता तो शायद ये अवसर भी नहीं आता। दरअसल, पूनम हाथ से और चिराग पैर से दिव्यांग है। अब सोमवार को पूूनम- चिराग परिणय सूत्र में बंध जाएंगे।
बैतूल के सदर गेंदा चौक निवासी और रिटायर वनपाल रामचरण साहू बेटी के दिव्यांग हाे जाने से विवाह काे लेकर बेहद चिंतित थे। दो बेटियों की शादी हो चुकी थी, लेकिन इस बेटी के लिए अक्सर उनका मन हादसे व शादी को लेकर कचोटता था, ईश्वर से शिकायत रहती थी कि मेरी बेटी के साथ ऐसा होना था, लेकिन अब बेटी की शादी होने जा रही है, तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू हैं।

फेसबुक पर दिव्यांग ग्रुप ज्वाइन करने पर बनी बात
दिव्यांग हो चुकी पूनम हादसे के बाद गुमसुम रहने लगी थी। धीरे -धीरे वह अपने सीधे की बजाय उल्टे हाथ से काम करने लगी। मोबाइल चलाने के दौरान पूनम ने फेसबुक पर बने दिव्यांग ग्रुप को ज्वाइन किया। इस ग्रुप में अलग-अलग राज्यों के लोग जुड़े थे। इससे गुजरात के राजकोट जिले के कुवड़वा गांव के चिराग पिता अमृतलाल राजवीर से उसकी बातचीत हुई। वह भी पैर से दिव्यांग है। दोनों की एक-दूसरे से बातें हुईं।

पिता बोले : ईश्वर दुख देता है तो खुशी भी देता है
दिव्यांग पूनम की शादी को लेकर परिवार में खुशी का माहौल है। पूनम के रिटायर पिता रामचरण कहते हैं बेटी के साथ दांतों की समस्या थी, वो ठीक हुई तो हाथ की आफत अा गई। वह सीधे हाथ से विकलांग हो गई। मैं ईश्वर से थोड़ा नाराज था, लेकिन अब लगता है कि ईश्वर दुख देता है, तो खुशी भी देता है। पूनम अपने घर विदा हो रही है। साेमवार को पूनम की गुजरात के चिराग से शादी हाेगी।

पूनम के साथ हुआ था ये हादसा
बैतूल के सदर गेंदा चौक निवासी रामचरण साहू की बेटी पूनम ने बीकॉम तक पढ़ाई की है। करीब पांच साल पहले पूनम दांतों में तकलीफ होने पर इलाज के लिए परतवाड़ा (महाराष्ट्र) गई थी। दांतों का ट्रीटमेंट कराकर वह बस से बैतूल आ रही थी। बस में वह खिड़की के पास बैठी हुई थी। तभी एक वाहन नजदीक से गुजरा और उनके सीधे हाथ काे चकनाचूर कर गया। हादसे ने पूनम को दिव्यांग बना दिया। डाॅक्टर ने हाथ काटने की सलाह दी, लेकिन पिता नहीं माने और इलाज कराया। पूनम का हाथ तो है, लेकिन उससे काम नहीं होता है।