अब महिलाओं की शिकायत सुनने भर्ती होंगी महिला सिपाही

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भोलाल। महिलाओं को सशक्त व सुरक्षित करने के लिए राज्य महिला आयोग ने अपने 11 पुराने फैसलों पर अमल के लिए सभी जिलों से प्रगति मांगी है। ताकि महिलाएं व युवतियां अपने कामकाज के दौरान खुद को असहज व असुरक्षित महसूस नहीं करें। महिला आयोग की मंशा है कि प्रदेश के सभी पुलिस थानों में महिला सिपाहियों की नियुक्ति की जाए ताकि महिलाएं अपनी शिकायत उनके समक्ष बेझिझक पेश कर सकें। अभी पुरुष सिपाहियों के सामने वे अपनी शिकायत या समस्या को ठीक से नहीं रख पाती हैं। आयोग ने इस तारतम्य में पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर महिला आरक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की प्रगति मांगी है।

आयोग ने विश्वविद्यालय में सेवारत संविदा शिक्षिकाओं को चाइल्ड लीव केयर की सुविधा देने की ताकीद उच्च शिक्षा विभाग से की है। गांव की बेटियां शहर में जाकर उच्च शिक्षा हासिल करें इसके लिए महिला आयोग ने सरकार को लिखा है कि वह निजी गर्ल्स हॉस्टल संचालित करने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया का क्रियान्वयन शुरू करे।

छात्रावासों में महिला होमगार्ड: अनुसूचित जाति-जनजाति के गर्ल्स हॉस्टल में रात के समय महिला अधीक्षक के रुकने से लेकर सुरक्षा के लिए वहां महिला होमगार्ड नियुक्त करने की अनुशंसा महिला आयोग ने शासन से की है। आयोग ने यह भी कहा है कि तीन साल से जमी महिला अधीक्षिका के तबादले किए जाएं। इसकी प्रगति भी तलब की गई है।

सुरक्षा पर विशेष ध्यान : राज्य महिला आयोग ने नारियों की सुरक्षा पर फोकस किया है। आयोग का कहना है कि स्वीमिंग पुल के प्रशिक्षकों के रूप में महिला प्रशिक्षकों को भी अनिवार्य रूप से नियुक्ति किया जाए। ट्रेफिकिंग व महिला शोषण रोकने के लिए ब्यूटी पार्लर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाकर उनमें सेवाएं देने वाले विदेशी प्रशिक्षकों पर नजर रखी जाए। ब्यूटी पार्लर का संचालन करने वाले लोगों सहित वहां काम करने वाले स्टाफ का पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाए। ताकि आपराधिक घटनाक्रमों को रोका जा सके।

कामकाजी महिलाओं के लिए नहीं बनाए वसति गृह : गांव से शहर जाकर काम करने वाले महिलाओं के रुकने के लिए महिला आयोग ने त्रि-स्तरीय वसति गृह बनाने का प्रस्ताव नगरीय प्रशासन को भेजा है। इससे कामकाजी महिलाएं सुरक्षित रहेंगी। लेकिन इस पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। निर्धन वर्ग की महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार बताने तथा उन्हें जागरुक करने के लिए आयोग ने प्रत्येक जिले में अधिक से अधिक विधिक साक्षरता शिविर लगाए जाने की ताकीद की है। शिविर लगाने का काम विधिक सेवा प्राधिकरण ने शुरू किया है।