गोकशी मामले में दो बच्चों के नाम एफआईआर, पुलिस ने चार घंटे पूछताछ की

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बुलंदशहर. बजरंग दल नेता की शिकायत पर गोकशी मामले में दर्ज एफआईआर में दो नाबालिगों के नाम भी हैं। दोनों नाबालिगों की उम्र 11 और 12 साल है और दोनों चचेरे भाई हैं। पुलिस ने बुधवार को दोनों को बुलाकर चार घंटे तक पूछताछ की। नाबालिगों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस बजरंग दल के नेता योगेश राज के दबाव में परेशान कर रही है। वहीं, पुलिस इसे जांच का हिस्सा बता रही है।
बुलंदशहर के स्याना में सोमवार को गोकशी को लेकर हिंसा फैली थी। हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की भी गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की हैं। पहली एफआईआर योगेश की शिकायत पर गोकशी मामले में दर्ज की गई है। इसमें 7 लोगों के नाम हैं। वहीं, दूसरी एफआईआर हिंसा और इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में दर्ज किया गया। इसमें 27 के नाम हैं, 60 से ज्यादा अज्ञात हैं।

बच्चे बेकसूर- नाबालिग के पिता
नाबालिग बच्चे के पिता ने बताया-मेरे बेटे और भतीजे के खिलाफ गोकशी में एफआई दर्ज हुई है। पुलिस हमें थाने में ले गई और परेशान किया गया। हमें चार घंटे बैठाया गया, जबकि बच्चे बेकसूर हैं।
अब तक 4 गिरफ्तार, 4 लोगों से हिरासत में पूछताछ

मामले में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने कहा कि अभी तक इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार ही लोगों को हिरासत में पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, हालात काबू में हैं। हमारी 6 टीमें छापेमारी कर रही हैं। वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान पर ही कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है।

उन्होंने बताया कि मामले में 27 लोगों को नामजद किया गया है। इन पर 17 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गोकशी मामले में शिकायतकर्ता योगेश राज हिंसा का मुख्य आरोपी है। घटना के बाद से वह फरार बताया जा रहा है। 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

एफआईआर सूची में सुमित का नाम 16वें स्थान पर

मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि 27 लोगों पर हुई एफआईआर की सूची में सुमित का नाम 16वें स्थान पर है लेकिन उसकी मौत हो चुकी है। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। भले ही उसका अपराध साबित हो। राज्य सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी को जो निर्णय लेना होगा, वह लेगी। वहीं, सांसद भोला सिंह मंगलवार को मृतक सुमित के घर पहुंचे थे। भारी दबाव के बाद जिला प्रशासन ने सुमित के परिजनों को पांच लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है।

गोकशी के शक में भड़की थी हिंसा

गोकशी के शक में चिंगरावठी इलाके में सोमवार को हिंसक प्रदर्शन के दौरान इंस्पेक्टर समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी में आगजनी और तोड़फोड़ की थी। सड़क पर भी कई वाहन फूंक दिए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर भी पथराव किया था। पुलिस को बचाव में गोलियां भी चलानी पड़ीं। पथराव के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह घायल हो गए और उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। गोली लगने से सुमित नामक युवक की भी जान चली गई थी।