थम गया चुनाव प्रचार, अब घर-घर मनुहार व बैठकों का दौर चलेगा

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भोपाल। विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार शाम 5 बजे प्रचार थम गया। इसके साथ ही आज शाम से चुनाव आयोग के आदेश से शहर की होटलों में रुके लोगों का छानबीन की जाएगी और संदिग्ध लोगों की धड़पकड़ की जाएगी। बाहरी लोगों को शहर छोड़कर जाना होगा नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में 28 नवबंर के मतदान और 11 दिसंबर को मतगणना होगी।
चुनाव आयुक्त वीएएल कांताराव ने बताया कि चुनाव आयोग के आदेश के बाद दो दिन के लिए प्रदेशभर में शराब की दुकाने बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। धारा-144 मतदान समाप्ति तक लागू रहेगी। निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार पर भी प्रतिबंध लगाया है। सुरक्षा व्यवस्था में एक लाख अस्सी हजार कर्मचारियों को लगाया गया है।

45 हजार महिला कर्मचारियों की ड्यूटी: चुनाव आयुक्त कांताराव ने बताया कि तीन लाख कर्मचारी मतदान कराएंगे। इनमें 45,000 महिला कर्मचारी है। 12,000 केंद्र सरकार के कर्मचारियों को माइक्रो आब्जरबर बनाया गया है। 2000 बूथ ऐसे होंगे जहां पूरी तरह से महिला कर्मचारी संभालेंगी। पहली बार नेत्रहीन मतदाताओं के लिए ब्रेललिपी में मतदाता पर्ची तैयार कर बांटी गई हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों दो घंटे कम होगा मतदान: बालाघाट की बैहर, लांजी और परसवाड़ा सीट पर यह प्रतिबंध दोपहर तीन बजे से लागू हो गया था। नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से यहां मतदान भी सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक ही होगा। जबकि, बाकी 227 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह आठ से शाम पांच बजे तक होगा। मतगणना 11 दिसंबर को सुबह आठ बजे से होगी।

अब कांग्रेस ने किया राष्ट्रीय आजीविका मिशन कर्मचारियों को नियमित करने का ऐलान
भोपाल. विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस बड़े पैमाने पर वोटरों का रुख अपनी तरफ मोड़ने की कोशिश कर रही है। कुछ दिन पहले पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने के साथ ही 7 बड़े ऐलान किए थे। सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने एक बार फिर से संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की है। इस बार राष्ट्रीय आजीविका मिशन में राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की बात कही गई है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि हमारी सरकार बनी तो हम इसके पहले कांग्रेस ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका एवं आशा कार्यकर्ताओं को नियमित करने के साथ ही मध्यान्ह भोजन में काम करने वाली रसोईयों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही स्वसहायता समूह की महिलाओं के कर्जे माफ करने और ग्राम पंचायत सचिव रोजगार सहायक, अतिथि शिक्षक एवं समस्त संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा भी कर चुके हैं।