दोस्‍त ने ही कर दी दोस्‍त की हत्‍या, पुल से धक्‍का दिया गिरने से हुई मौत – पिपरिया पुलिस ने किया अंधे कत्‍ल का पर्दाफास

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आशु दुबे पिपरिया, नवलोक समाचार।

होशंगाबाद जिले की पिपरिया पुलिस ने एक अंधे कत्‍ल का पर्दाफास किया है, जिसमें 19 अगस्‍त को मिले श्‍ाव को लेकर जब पुलिस द्वारा पड़ताल की गई तो मामला चौकाने वाला सामने आया है, जिसके चलते मृतक चरणदास पिता श्‍याम लाल लोधी निवासी ग्राम माछा तहसील सोहागपुर की हत्‍या उसी के साथी मिञ ने लालच में आकर कर दी।

यहां पिपरीया मंगलवारा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुये बताया कि घटना 19 अगस्त रात की है जिस पर पिपरिया पुलिस की सूचना प्राप्त हुई कि माता मोहल्ला नहर ग्राम सिलारी के पास एक सूखी हुई नदी के पुल के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव नगर हालत में पड़ा हुआ है। उक्त पुलिस द्वारा मौका मुआयना करने पर प्रारंभिक प्रथम दुष्टता यह मामला हत्या का समझ में आ रहा था,  क्योंकि आरोपी हत्या के बाद मृतक की लाश को कूड़ा एवं घास पत्तियों द्वारा छुपा दिया गया था एवं निशानदेही ना हो सके इसलिए मृतक के कपड़े भी निकाल कर फेंक दिए थे, क्योंकि लाश कुछ दिन पुरानी होने की वजह से उसकी पहचान करना नामुमकिन हो रहा था। इसलिए इसमें तकनीकी जांच कराने एवं PM कराने पर मृतक के शरीर में अंदरूनी चोट पसली एवं पेट में सिर में पाई गई इसलिए तकनीकी जांच कराने इसमें ही इसके ही फल स्वरुप तक की मृत्यु होना पाया गया, मंगलवारा पुलिस द्वारा सघन जांच करने पर यह पाया गया, कि मृतक उसके मित्र राम भरोसे के साथ देखा गया, जिसके बाद पुलिस द्वारा उक्त व्यक्ति से सघन पूछताछ की गई। जिससे उसके द्वारा जुर्म कबूल करने की बात सामने आई आरोपी राम भरोस कीर ने बताया कि उसने चरणदास  की हत्या पैसे के लालच में की थी, उसे पुल से नीचे गिरा दिया और फिर उसके चेहरे सिर और छाती पर कई बार प्रहार किए जिससे के कारण उसकी मृत्यु हो गई , पि‍परिया पुलिस द्वारा रामभरोसे कीर सहित सहअरोपी सत्‍य नारायण दीक्षित को  साक्ष्य छुपाने का दोषी बताते हुए गिरफ्तार किया गया है, उक्त प्रकरण में आई पी सी की धारा  302 व 201  के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है एवं पुलिस द्वारा अधीक्षक द्वारा पिपरीया टीआई श्री प्रवीण कुमार एवं उनकी टीम को 10000 की राशि इनाम की घोषणा की गई है।

लालच में मार दिया।

पुलिस ने बताया कि रामभरोसे और चरणदास दोनो नागद्वारी के मेले में काम करने गये हुये थ्‍ो, जहां चरणदास ने टपरिया, बोरी , पटटी बनाने का काम किया था, जिससे उसे करीब 20 हजार की कमाई हुई थी, पचमढी से लौटते समय रामभरोस कीर को लालच आ गया जिसके चलते दोने सत्‍यनारायण बा‍बा की कुटिया पर ठहरे, बाद में राम भरोसे ने चरणदास को पुल से सुखी नदी में फेंक दिया, उसके पास रखे बीस हजार उठाकर लाश को झ‍ाडियो में छुपा कर पिपरिया आ गए थे। इस घटना में सत्‍यनारायण ने भी आरोपी का साथ दिया था।

धागे और जूतो को देख कर परिजनो ने पहचाना।

मृतक चरणदास की पहचान उसके परिजनो ने लाश की फोटो और जूते एवं हाथ में बंधे धागे को देखकर की है. 19 अगस्‍त से चरण्‍ादास लापता था, लेकिन पुलिस द्वारा शिनाख्‍त नही हो पाने के कारण उसकी लाश को दफना दिया गया था.