मध्‍यप्रदेश में कमलनाथ बने प्रदेशाध्‍यक्ष,स‍िधिंया को चुनाव अभियान समिति की जिम्‍मेदारी- 4 को कार्यकारी अध्‍यक्ष बनाया..

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विधानसभा चुनाव के‍ लिये कमलनाथ और ज्‍यातिरादित्‍य सिंधिया की जोडी को मध्‍यप्रदेश की कमान

दोनो नेताओ सहित दिग्विजय, पचौरी, अरूण यादव को कांग्रेस को एकजुट करने की जिम्‍मेदारी- बाला बच्‍चन, रामनिवास रावत, जीतू पटवारी, सुरेंद्रं चौधरी को बनाया कार्यकारी अध्‍यक्ष

मुकेश अवस्‍थी।
मध्‍यप्रदेश में हार को जीत में बदलने के लिये देश के कददावर नेता और मोदी लहर में प्रदेश की लाज बचाने वाले कमलनाथ को प्रदेश अध्‍यक्ष और ज्‍यातिरा‍दित्‍य सिंधिया को चुनाव अभियान समिति का अध्‍यक्ष बनाया गया है, कमलनाथ 9 बार से सांसद है. दिल्‍ली में आज हुई बैठक में यह घोषणा की गई जिसके बाद पार्टी महासचिव अशोक गहलोत ने पञ जारी कर सार्वजनिक किया वही कमथनाथ ने अपने टवीटर एकाउन्‍ट के माध्‍यम से भी मध्‍यप्रदेश की जिम्‍मेदारी मिलने की बात कही है. कमलनाथ ने टवीट करते हुये कहा कि मुझे प्रदेश के रूप में जिम्‍मेदारी जो सौपी गई है उसके लिये में प्रतिबद्यता,साहस और आपसी तालमेल के साथ बीजेपी और गैर धर्मनिरपेक्ष ताकतो की हार सुनिश्वित करने के लिये अपना सर्वश्रेष्‍ठ काम करूगा.

सत्‍ता से बाहर रहने वाली कांग्रेस अब उबरने के लिये हर कोशिश करने में जुट गई है, दिग्‍िवजय सिंह के नर्मदा याञा के कारण्‍ा प्रदेश अध्‍यक्ष की घोषणा अटकी हुई थी जो अब उनकी याञा पूरी होने के तत्‍काल बाद पूरी हो गई। कांग्रेस कोर कमेटी में प्रदेश के बडे नेताओ की आपसी विचार विमर्श के बाद छिंदवाडा के सांसद कमलनाथ को अध्‍यक्ष और ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को प्रदेश की कमान सौपी गई है। कमलनाथ ओर सिंधिया दोनो की कददावर और निविर्वाद नेता माने जाते है और इन दोनो की नेताओं की अपने क्षेञ सहित प्रदेश भर में व्‍यक्तिगत छवि भी है साथ ही दोनो ही नेताओं के अपने अपने निजी लोग भी है जो कि बिना किसी लोभ लालच के चुनाव में काम करने को तैयार हो सकते है। वही दोनो की नेताओं का राष्‍ट्रीय कद होने के चलते प्रदेश के नेताओं में विरोध भी नही है।

हम बता दे‍ कि प्रदेश में वर्ष 2017 से ही अरण यादव को हटाकर कमलनाथ या किसी अन्‍य नेता को प्रदेश की कमान देने के प्रयास किये जा रहे थे, जिसके कुछ महीने बाद ही पूर्व मुख्‍यमंञी और महासचिव दिग्विजय सिंह गैर राजनैतिक नर्मदा याञा को निकल गये थे। वही यह भी स्‍पष्‍ट कर दें कि दि‍ग्वियज सिंह की याञा समापन के दिन बरमान में हुई मुलाकात के दो दिन बाद ही कमलनाथ का शंकराचार्य स्‍वरपानंद से झौतेश्‍वर जा कर मिलना भी राजन‍िति का ही हिस्‍सा माना जा रहा था। ..वही दिल्‍ली की राजनीति करने वाले और प्रदेश की राजन‍िति से हमेशा दूरी बनाकर रहने वाले कमल नाथ के बारे में राजनेतिक गलियारे में यह कहा जा रहा है कि प्रदेश में अपनी स्‍वच्‍छ ओर बेदाग छवि से सरकार बनवाने की पुरजोर कोशिश तो करेगें लेकिन मुख्‍यमंञी पद की दावेदारी या बहुमत आने पर सीएम की कुर्सी से दूर ही रहेगे। वही सिंधिया को चुनाव अभियान समिति का अध्‍यक्ष बनाये जाने के बाद भी प्रदेश्‍ा भर के कांग्रेसी एकजुट होगे, सि‍धिया को लेकर भले ही कहा जाता है कि दिग्वियज सिंह उनके रास्‍ते का रोढा बन सकते है लेकिन वर्तमान हालात में ऐसा कहा जा रहा है कि प्रदेश में सरकार बनाना सभी कि पहली प्राथमिकता है, जिसके चलते नर्मदा परिक्रमा पूरी कर लौट रहे दिग्‍गी राजा ने भी साफ कह दिया है कि चुनाव नही लडने वाले सभी नेता प्रदेश का दौरा कर सरकार बनाने के लिये कांग्रेस को एक जुट करेगें ओर अच्‍छे लोगों को टिकिट देगें।

कमलनाथ के राजनैतकि कैरियपर एक नजर.

कमल नाथ का जन्म 18 नवम्बर 1946 को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में हुआ था। देहरादून के दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद श्री कमलनाथ ने कोलकाता के सेंट ज़ेवियर कॉलेज से उच्च शिक्षा हासिल की। वो 34 साल की उम्र में वो छिंदवाड़ा से जीत कर पहली बार लोकसभा पहुंचे। जब से वह 9 वी बार सांसद बने है उनके परिवार में पत्नि अलका नाथ ओर दो पुञ है, बता दें कि कमलनाथ को सक्रिय राजनीति में लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंञी राजीव गांधी को जाता है वे राजीव गांधी के निजी लोगो में से थे.कमल नाथ सन 1991 से 1995 तक केद्र सरकार में राज्‍य मंञी वन एवं पयार्वरण, सन 1995 से 1996 के बीच टेक्‍सटाइल मंञी स्‍वतंञ प्रभार, सन 2004 से 2009 के बीच केंदीय उधोग एवं वाणिज्‍य मंञी बने वही 2009 से 2014 संसदीय कार्यमंञी सहित अन्‍य विभागों के मंञी रहे है, वही कमल ना‍थ ने वर्ष 2014 की लोकसभा में प्रोटेम स्‍पीकर के रूप में मोदी सहित सभी सांसदों को शपथ दिलाई थी.

कमथनाथ ने फेसबुक ओर टवीटर एकाउन्‍ट पर दी जानकारी

मध्‍य्र प्रदेश कांग्रेस में हुये बदलाव के चलते दिल्‍ली में हुई बैठक के बाद जैसे ही घोषणा की गई तो सबसे पहले 12-32 मिनिट पर कमलनाथ ने अपने आपिशियल टवीटर ओर फेसबुक पर जानकारी देते हुये टवीट किया है कि ” मुझे प्रदेश के रूप में जिम्‍मेदारी जो सौपी गई है उसके लिये में प्रतिबद्यता,साहस और आपसी तालमेल के साथ बीजेपी और गैर धर्मनिरपेक्ष ताकतो की हार सुनिश्वित करने के लिये अपना सर्वश्रेष्‍ठ काम करूगा, सोनिया गांधी जी एवं राहुल गांधी जी आपके विश्‍वास के लिये कोटि कोटि धन्‍यवाद….