सोहागपुर में खेत की खुदाई में मिली पाषाण शिव-पार्वती प्रतिमा, पलकमति नदी किनारों पर भरी पडी है मुर्तियां

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नवलोक समाचार सोहागपुर।
होशंगाबाद जिले की प्राचीन तहसील सोहागपुर अपने अस्‍ितव को लेकर तो पहले से ही मशहूर है लेकिन यहां आए दिन खुदाई में मिलने वाली प्रतिमाए यहां के इतिहास से भी इस नगर की संभ्‍यता को जोडती है। हाल ही में नगर में जमनी सरोवर के ठीक सामने एक खेत की खुदाई के दौरान एक पाषाण प्रतिमा मिली है जो शैवकालीन है बताया जा रहा है प्रतिमा हजारों साल पुरानी है । जो कि पिपरिया होशंगाबाद स्‍टेट हाईवे क्रमांक 22 पर सोहागपुर में बने शिवमंद‍िर में स्थापित तथा नगर की पुरातत्व महत्व की पहचान बन चुकी प्रतिमा की हूबहू नकल नजर आ रही है।
खेत में निकली प्रतिमा के जैसी ही दूसरी प्रतिमा जो सोहागपुर के शिव मंदिर में स्‍थापित है।” खेत में निकली प्रतिमा के जैसी ही दूसरी प्रतिमा जो सोहागपुर के शिव मंदिर में स्‍थापित है।[/caption]खुदाई में निकली प्रतिमा फिलहाल थाना परिसर में रखी है। उल्लेखनीय है कि पुलिस थाने की बाउंड्रीवाल का निर्माण जारी है तथा परिसर में पुराई के लिए जमनी सरोवर के सामने स्थित खेत से मिट्टी लाई जा रही है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात जब मिट्टी लाई गई तो इसके साथ किसी ट्राली में प्रतिमा मिट्टी के साथ रखकर आ गई। प्रतिमा पर जब किसी की नजर गई तो इसकी जानकारी शहर में फैल गई तथा शंकर-पार्वती मंदिर में स्थापित प्रतिमा की हूबहू दूसरी प्रतिमा को देखने नागरिक थाना परिसर भी पहुंच रहे हैं। प्रतिमा के मिलने की जानकारी चाहने पर यहां के पुलिथ्‍ा थाना में पदस्‍थ एसआई मदन पवार ने बताया कि उन्हें मूर्ति मिलने की जानकारी नही है, तथा यदि इस प्रकार की कोई प्रतिमा मिली है। तो वरिष्ठ अधिकारियों व राजस्व विभाग को सूचित किया जाएगा।

खेत में निकली प्रतिमा के जैसी ही दूसरी प्रतिमा जो सोहागपुर के शिव मंदिर में स्‍थापित है।
खेत में निकली प्रतिमा के जैसी ही दूसरी प्रतिमा जो सोहागपुर के शिव मंदिर में स्‍थापित है।

भरा पडा है प्रतिमाओं से शहर

ऐसा माना जाता है कि सोहागपुर ही प्राचीन काल में सोणितपुर हुआ करता था। जो कि असुर राजा बाणासुर की नगर था, यहां सबसे ज्‍यादा प्रतिमाए जैन और शैव की मिली है। पुरातत्‍व विभाग के आला अधिकारी यहां कई बार सर्वे भी चुके है जिसमें यहां पुरान सभ्‍यता के दबे होने के संकेत मिलते है। हम बता दें कि सोहागपुर के रामगंज वार्ड में पलक‍मति नदी के किनारों पर कई प्रतिमाओं के दबे होने के संकेत भी मिले है।