मध्‍यप्रदेश में सपाक्‍स संगठन ने खडी की सरकार की मुश्किलें – लगाए सरकार विरोधी नारे – जातिगत बन रहा आरक्षण का मुददा

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होशंगाबाद में सपाक्‍स संगठन ने रैली निकालकर किया आरक्षण का विरोध
होशंगाबाद में सपाक्‍स संगठन ने रैली निकालकर किया आरक्षण का विरोध

जगह जगह होने वाली रैलियों से सरकार के माथे चिंता की लकीरें
प्रदेश भर में जगह जगह हो रही रैलियां कर्मचारियों के साथ आ रहे समाजिक संगठन – सरकार ने फैसला नही लिया तो अगामी विधानसभा चुनाव में भी हो सकता है नुकसान।
मुकेश अवस्‍थी।
आरक्षण को लेकर देश की न्‍यायापालिका ने नौकरियों में पददोन्ति से आरक्ष्‍ाण लागू न करने को लेकर आदेश तो पारित कर दिया।लेकिन सरकार और मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंञी शिवराज सिंह ने दलित कार्ड का उपयोग करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कहकर और पिछले महिने में अजाक्‍स की सभा में दिए बयान — जब तक मेरे सीने में जान है तब तक किसी माई के लाल में दम नही जो आरक्ष्‍ाण छीन ले— से आहत होकर एक बार फिर सामान्‍य और पिछडा वर्ग के कर्मचारियों को संशय में डाल दिया है। जिस के बाद सामान्‍य पिछडा वर्ग एवं अल्‍प संख्‍यक कर्मचारी संगठन ने रातोंरात अपनी गतिविधियां शुरू कर दी जो अब प्रदेश की सरकार के लिए गले की हडडी बनता जा रहा है।
फरवरी 2016 में गठि‍त हुआ सामान्‍य पिछडा एवं अल्‍पसंख्‍यक वर्ग कर्मचारियों अधिकारी संगठन द्वारा ही जबलपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण्‍ा हटाने को लेकर याचिका दायर की गई थी। जिसके चलते उच्‍च न्‍यायलय की पीठ ने संगठन के पक्ष्‍ा में ही आदेश जारी किया था। वही संस्‍था के प्रदेश अध्‍यक्ष आनंद कुशवाहा ने चर्चा में बताया कि हमें इस बात का भी अभास पूर्व से ही था। कि आदेश के बाद सरकार आरक्षण के मुददे को बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट जरूर जाएगी। जिसके चलते संग्‍ाठन द्वारा पूर्व से ही केबियेट दायर की गई है। आदेश के आते ही मुख्‍यमंञी शिवराज द्वारा कभी कहा गया कि कमजोर बच्‍चें के जिस प्रकार मां ज्‍यादा दूध पिलाती है। उसी प्रकार हम आरक्षण बरकरार रखेगें। इस प्रकार के बयानों से संगठन से जुडे लोगों में और जोश आ गया है।अब सपाक्‍स प्रमोशन में आरक्ष्‍ाण को खत्‍म कर हाईकोर्ट के आदेश को अक्षरश पालन कराने की बात पर सरकार को घेर रहा है।
सपाक्‍स की रैली में हजारों कि संख्‍या में शामिल हुए लोग
सपाक्‍स की रैली में हजारों कि संख्‍या में शामिल हुए लोग

जगह जगह हो रही रैलियां- सर्मथन भी मिल रहा।
सपाक्‍स संगठन को रातोंरात मजबूत किया गया है। साथ ही मुख्‍यमंञी की मंशा को भांपते ही संगठन ने भी जोर शोर से आरक्षण का विरोध शुरू कर दिया है। वही प्रदेश के कई जिलों में बडी बडी रैलियां भी हो रही है। भोपाल से सटे होशंगाबाद में हुई रैली में पूर्व विधायक गिरजा शंकर शर्मा ने खुलकर सरकार को कोसा, वही संगठन को ब्राहमण, राजपूत, अग्रवाल आदि स‍माज का सर्मथन भी खुले रूप मे मिल रहा है। वही अब सपाक्‍स संगठन की जोर दार प्रर्दशन और रैलियों को लेकर आरक्षण का मुददा अब समाजिक होता जा रहा है। कर्मचारियों के साथ साथ गैर कर्मचारी सर्वण परिवारों के लोग भी आरक्षण के खिलाफ मुखर हो रहे है।
सपाक्‍स की सभा को संबोधति करते पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा
सपाक्‍स की सभा को संबोधति करते पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा

मुददे को अहम मान रहे लोग।
प्रदेश भर में सपाक्‍स संगठन की गतिविधियों से प्रभावित होकर अब कर्मचारियों के साथ साथ आम लोग भी भाजपा और कांग्रेस की राज‍नीति से इतर होकर मुददे पर एकजुट रहे है। होशंगाबाद की रैली में करीब 5 हजार लोगों के शामिल होने से प्रदेश की सरकार की नीद भी उडा दी है। वही हम बता दें कि भाजपा के ही पूर्व विधायक रहे गिरजाशंकर शर्मा ने भी रैली को संबोधित कर सरकार और मुख्‍यमंञी की मंशा पर सवाल उठाए है।
निर्णय कर्मचारी हित में नही- गरिजाशंकर शर्मा

सपाक्‍स की सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा ने कहा कि मुख्‍यमंञी का निर्णय कर्मचारी हित में नही है। उन्‍हें न्‍यायायल के आदेश का सम्‍मान करते हुए उसका पालन करना चाहिए। मुख्‍यमंञी का कथन भी न्‍याय संगत नही है। खुलकर सामने आए पूर्व विधायक ने साफ कहा कि सरकार ने यदि सपाक्‍स कर्मचारियों के हित में जल्‍दी ही कोई फैसला नही लिया तो खामियाजा भुगतना पडेगा। होशंगाबाद की रैली को सपाक्‍स के जिला संयोजक भरत शर्मा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि मुख्‍यमंञी वोट की राजनीति कर रहे है। जिससे भाई भाई में दरार पैदा हो रही है, वे न्‍याय संगत बाते भी नही कर रहे। भोपाल से सटे होशंगाबाद में सपाक्‍स की रैली में प्रदेश अध्‍यक्ष आनंद कुश्‍ावाहा, ए के जैन , के एस तोमर, जे एस गुर्जर, आदि ने भी संबोधित किया है।
हो सकता है सरकार को खतरा –

मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंञी द्वारा आरक्षण को लेकर दीगई बयान बाजी को अब लोगों ओर कर्मचारी संगठन ने चुनौती के रूप में स्‍वीकार कर लिया है। जिसके चलते प्रदेश भर में तहसील और जिला मुख्‍यालयों में होने वाली रैलियों में कर्मचारी माई के लाल लिखी टोपियां लगाकर शामिल हो रहे है।
होशंगाबाद में रैली के बाद मंचाशीन सपाक्‍स के पदाधिकारी
होशंगाबाद में रैली के बाद मंचाशीन सपाक्‍स के पदाधिकारी

क्‍या चुनावी समीकरण साध रहे शिवराज

अगले साल उत्‍तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के चलते भाजपा के राष्‍टीय अध्‍यक्ष अमति शाह दलित वोट बैक को यू पी विधान सभा चुनाव में किसी भी कीमत पर हाथ से नही जाने देना चाहते। मोदी के कांग्रेस मुक्‍त भारत अभियान की मंशा के चलते भापजा हाईकमान उत्‍तर प्रदेश में भी हर हाल में भाजपा की सरकार चाहता है। जिसके चलते हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना, गलत बयानबाजी करना और दलित वोट के दम पर ही प्रदेश में सरकार बनाने जैसे बयान देना, चुनावी समीकरण ही माना जा रहा है। आने वाले यू पी के चुनाव से ठीक पहले भाजपा यदि दलितों के पक्ष में काम करती हे तो दलित वोट भी हथिया सकती है।
नई नीति बनाई तो , जोरदार होगा आंदोलन – कुशवाहा
सपाक्‍स संग्‍ाठन के प्रदेश अध्‍यक्ष आनंद कुशवाहा ने बताया कि सरकार की मंशा को भांपते ही हम सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने के पहले ही अपना पक्ष रखने के लिए जा चुके है। अब यदि सरकार ने आरक्षण्‍ा का लाभ देने के लिए कोई नई नीति बनाई या प्रमोशन में आरक्षण को किसी भी परिस्‍थति में लागू रखा तो , सपाक्‍स संगठन अपना आंदोलन तेज करेगा ओर हमारी लडाई तब तक जारी रहेगी जब तक हमारी बात को सरकार मान नही लेती।