7वे वेतन अयोग पर फैसला जल्दः अगस्त से मिल सकता है ज्‍यादा वेतन , एरियर पर भी चर्चा

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नई दिल्ली एजेंसी ।
केंद्र सरकार के इम्प्लॉइज के लिए जल्द ही अच्छी खबर आ सकती है। 7 वे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए एक बार फिर सेक्रेटरी लेवल कमेटी की मीटिंग हुई है। इस दौरान इम्प्लॉइज को अगस्त महीने से एरियर के साथ सैलरी देने पर चर्चा हुई। साथ कमीशन ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में पहले की गई सिफारिशों से 30% ज्यादा बढ़ोतरी की बात की है। सरकार इस पर भी चर्चा कर रही है। बता दें कि एके माथुर की अगुआई वाले कमीशन ने सरकारी इम्पलॉइज की मिनिमन सैलरी 18 हजार करने की सिफारिश की है। कर्मचाररियों की सेलरी तीन गुना तक बढने के संकेत मलि रहे है। आयोग की सिफारिशों के अनुसार आईएएस , आईपीएस और आईआरएस का पे बैड एक जैसा करने की सिफारिसें भी की गई है।
क्या है सेवन्थ पे कमीशन और उसकी सिफारिशें…
जानिए क्या मिलेगा
गौरतलब है कि वेतन आयोग ने सरकारी कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन 18000 और अधिकतम 250000 करने की सिफारिश की है। साथ ही कैबिनेट सचिव और समान स्तर के सरकारी अधिकारियों के लिए सर्वाधिक 250000 रुपये वेतन करने की सिफारिश की गई है। जानकारी के मुताबिक बढ़ा वेतन जुलाई में दिया जा सकता है, जो 1 अगस्त को कर्मचारियों के खाते में पहुंचेगा। बता दें कि आयोग की सिफारिशें जस की तस लागू करने पर सरकारी खजाने पर 1.02 लाख करोड़ रुपये का सालाना बोझ आएगा, जिसमें 28,450 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ रेलवे बजट और बाकी 73,650 करोड़ रुपये आम बजट पर जाएगा।

छठा वेतन आयोग 1 जनवरी, 2006 से लागू हुआ था और उम्मीद है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू होंगी और कर्मचारियों को बाकी पैसा बतौर एरियर दिया जाएगा। बता दें कि राज्यों द्वारा भी कुछ संशोधनों के साथ इन्हें अपनाया जाता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपी गई वेतन आयोग की रिपोर्ट में मौजूदा कर्मचारियों के मूल वेतन में 16 प्रतिशन, भत्तों में 63 प्रतिशत और पेंशन में 24 प्रतिशत इजाफे की सिफारिश की गई है। कहा जा रहा है कि नए वेतन ढांचे में सातवें वेतन आयोग ने छठे वेतन आयोग द्वारा शुरू की गई ‘पे ग्रेड’ व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के मैट्रिक्स (ढांचे) में शामिल कर दिया है और कर्मचारी का ओहदा अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा।
क्या है सेवन्थ पे कमीशन?
कमीशन के चेयरमैन अशोक कुमार माथुर हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले वित्त मंत्री जेटली को सिफारिशें सौंपी थीं।
यह कमीशन यूपीए सरकार ने फरवरी 2014 में बनाया था। इसे 18 महीने में रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन इसका टर्म अगस्त 2015 में चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
– कमीशन के सुझावों को सरकार को 1 जनवरी 2016 से लागू करना है।
– इन सिफारिशों का 47 लाख इम्प्लॉइज और 52 लाख पेंशनरों को फायदा मिलेगा।
– सरकार पर इस बढ़ोत्तरी से 1.2 लाख करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा।
क्या हैं अहम सिफारिशें?
– केंद्र के इम्प्लॉइज की सैलरी 23.5% बढ़ाई जाए।
– पेंशन में एवरेज 24% की बढ़ोत्तरी हो।
– मिनिमम बेसिक पे 7 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपए किया जाए।
– सैलरी में सालाना 3% इन्क्रीमेंट हो। बेसिक पे 16% और अलाउंस 67% तक बढ़ाने की बात भी कही गई है।
– केंद्र के सभी इम्प्लॉइज के लिए भी वन रैंक-वन पेंशन। इसके दायरे में 10 साल पहले रिटायर हुए इम्प्लॉइज भी होंगे।
– ग्रैच्युटी की लिमिट 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपए। जब भी डीए 50% बढ़ेगा, ग्रैच्युटी लिमिट 25% बढ़ेगी।
– सैलरी तय करने के लिए पे बैंड और ग्रेड पे का सिस्टम खत्म।
– 56 तरह के अलाउंस खत्म होंगे, सभी को एक जैसी पेंशन।
– पैरा मिलिट्री फोर्स के लिए भी शहीद का दर्जा। मिलिट्री सर्विस पे दोगुना होगा। यह सिर्फ आर्मी पर लागू होगा। बाकी पर नहीं।

क्‍या मिल सकते है फायदें

1- 47 लाख कर्मचारी और 52 लाख पेंशनर्स को मिल सकता है लाभ

2- म‍िनि‍मय बेसकि पे 18हजार , मेक्मम ढाई लाख
3- बेसिक पे में 3 गुना और , पेशंन में 24 प्रतिशत का इजाफा
4- ग्रेच्‍युटी 10 लाख से बढा कर 20 लाख की जा सकती है
5- 1 जनवरी 2016 से सिफारिसे लागू की जा सकती है