होशंगाबाद के दिव्‍यांग ने मनाया अपनी स्‍कूटर का जन्‍मदिन

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नवलोक समाचार, होशंगाबाद

क्या आपने कभी अपने स्कूटर या किसी अन्‍य वाहन का जन्‍म दिन मानया है शायद आपका जबाव न ही होगा ! लेकिन मध्‍यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में एक ऐसा ही बाकया सामने आया है जिसमें एक दिव्‍यांग ने अपना सहारा बने स्‍कूटर का जन्‍म दिन मना कर एक नई शुय्‍आत की है ।
जी हां , होशंगाबाद के समाज सेवी संतोष मीना को भगवान् ने दोनों पेर से मोहताज किया पर है । लेकिन शारीरिक कमी होने के बावजूत संतोष मीना जिंदगी को अपने जुदा अंदाज से जीते है। और समाज में इनके जेसे दिव्यांगों को भी सहानभूति प्रदान करने का संदेश वह वर्षो से देते आ रहे है। मीना जी के हौशले और समाज सेवा की भावना से प्रभावित होकर होशंगाबाद के संसाद राव उदय प्रताप सिंह ने संतोष मीना को एक मेस्ट्रो स्कूटर पिछले साल 10 जून 2015 को उपहार के तौर पर दि थी। जिसे उनके ही हिसाव से तैयार भी कराया गया , जिससे वह उसे आसानी से चला कर अपने काम कर सकें। कुछ ही दिन पहले ही उनकी स्‍कूटर को एक साल पूरा हुआ है जिसपर उन्‍होंनें अपनी चहेती मेस्ट्रो स्कूटर का संतोष मीना ने केक काटकर जन्मदिन मनाया , और हाल ही में 10 जून को संतोष का भी जन्म दिन था। उन्होंने अपना और अपनी स्कूटर का जन्मदिन बडे ही उत्‍साह से मनाया। जिसमें होशंगाबाद नगर पालिका के अध्‍यक्ष अखिलेश खंडेलवाल और उपाध्‍यक्ष आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
हम बता दें कि पहले संतोष मीना अपनी ट्राई साइकल से चला करते थे। उन्हें अपनी बेटी को स्कूल छोड़ना, अपनी माँ को अस्पताल लाने ले जाने में काफी परेशानी हुआ करती थी । पर जब से स्कूटर मिला है तब से यह काम आसान हो गए है। मीना अपनी स्कूटर में “बेटी बढ़ाओ बेटी बचाओ , बेटी है तो कल है” साथ ही यातायात के नियमो के पालन के संकेत भी अंकित करवा रखा है । यह सन्देश वह सभी को देते है ।
संतोष मीना की एक बेटी है, शिवानी जो हायर सेकेण्डरी में टॉप किया है वह बताती है, की स्कूटर उनके एक फेमिली मेंबर जैसी है, और पापा का जन्म और हमारी स्कूटर का जन्म दिन एक ही दिन है आज हमने दोनों जन्म दिन मनाया है। एक तरह भाग दौड की दुनिया में लोग अपने ही परिजनों का जन्‍म दिन भूल जाते है वही होशंगाबाद में एक दिव्‍यांग ने अपने वाहन का जन्‍म दिन मनाकर एक नई मिशाल कायम की है, इस पहल का स्‍वागत नगर सहित जिले के लोग भी कर रहे है।