नरसिंहपुर में जातीय पंचायत का तुगलगी फरमान – प्रेमविवाह की सजा , हुक्‍कापानी बंद

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पंकज गुप्‍ता , नरसिंहपुर।
नरसिंहपुर जिले की गाडरवाडा तहसील के ग्राम घूरपुर में पाली समाज के युवक द्वारा अन्तर्जाती विवाह करने पर पाली समाज की जतीय पंचायत ने पंचायत बुलाकर है, युवक और परिजनों का हुक्कापानी बंद करते हुए सामाजिक वहिष्कार का आदेश पारित कर दिया है। पंचायत ने विवाह करने की सजा के रूप में जुर्माना अदा करने और समाजिक भोज कराने का आदेश देते हुए कहा है यदि शर्ते पूरी की जाएगी तब ही समाज में शामिल किया जावेगा प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार को समाज में शामिल किया जाएगा ।
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना अंतर्गत आने वाले गाँव घूरपुर में विमलेश और किरण का प्रेम प्रसंग चल रहा था। जिसके चलते विमलेश ने किरण के साथ प्रेम विवाह कर लिया, लेकिन विमलेश को किरण के साथ प्रेम विवाह करना उसी की समाज के लोगों को पसंद नही आया, और जतीय पंचायत ने विमलेश के परिवार को तुगलगी फरमान सुना कर , पंचायत की श्‍ार्ते पूरी नही करने तक हुक्‍कापानी बंद करने का आदेश दे डाला। अब विमलेश सहित उसके पूरे परिवार को विवाह करने की सजा भुगतनी पड़ रही है उन्हें समाज से वहिस्कृत कर उनका हुक्कापानी बन्द कर दिया है । पाली समाज द्वारा पंचायत कर फरमान जारी किया गया की जब तक विमलेश का परिवार पूरे गांव को भोज नहीं करवाता और तय जुर्माना पंचायत में जमा नही करता तब तक समाज का कोई भी सदस्य उनसे सम्बन्ध नही रखेगा। और न उन्हें सामाजिक कार्य में आमंत्रित करेगा , विमलेश के भाई उमेश पाली ने पाली समाज के इस तुगलकी फरमान का विरोध कर पुलिस से लिखित शिकायत की है।
मामले के सामने आने पर आधुनिक युग के दौर में इस तरह के तुगलकी फरमान की सच्चाई जानने मिडिया घूरपुर पहुंची तो ऐसे परिवारो से मिली जिन्होंने अंतर्जातीय विवाह किया तो हकीकत बेहद चौकाने वाली थी। जो आज से सभ्य समाज के आदर्शो को खोखला करती नजर आ रही थी, जिन परिवारो ने अंतर्जातीय विवाद किया उन्हें जबरन जुर्माना भरना पड़ा । और पूरे गांव को भोज तक देना पड़ा है ऐसा नही करने वालों को समाज में शामिल नही किया गया है। हम गांव के ही भागीराम पाली और मुन्‍ना लाल पाली से भी‍ मिले तो उन्‍होंने भी इस तुगलगी फरमान को भोगे जाने की बात उजागर की है।

एक तरफ सरकारें अतंजतीय विवाह को प्रोत्‍साहन दे रही है। वही दूसरी तरफ आज भी अंतर्जातीय विवाह की सजा प्रेम विवाह करने वाले परिवार को भुगतनी पड़ रही है। लोग अपने घर का सामान बेचकर और क़र्ज़ लेकर ही सही पर पंचायत का फरमान मानने पर सिर्फ समाज में रहने माञ के लिए मजबूर और बेबस जतीय पंचायतों के फरमान मान रहे है। जब हमने समाज के बुजुर्ग और सामाजिक पंचायत के पंच मूलचंद पाली से बात की तो पंच खुद कहते है ये पीढ़ियों से चला आ रहा है फैसला तो मानना ही पड़ेगा और जुर्माना भरकर भोज खिलाकर ही उन परिवारो को समाज में सम्मान और स्थान मिलेगा।
हालांकि‍ पीड़ित परिवारों की शिकायत पर पुलिस ने मामला संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दिया है। पुलिस भी इस तरह के सामाजिक पंचायत के फरमान को लेकर चिंतित और संवेदनशील नजर आ रही है। पुलिस ने जल्द ही मामले को सुलझाने की बात कह दोषियों पर कार्यवाही के संकेत दिए। लेकि‍न आज जब इंसान मंगल में जीवन की तलाश और चाँद पर घर बनाने का सपना साकार करने में लगा वही प्रदेश में आज भी सामाजिक कुरीतियां पैर पसारे हुए है जागरूकता की कमी और प्रशासनिक ढील ही ऐसे फरमान जारी करने वालो के हौसले बुलंद करती है और समाज को आधुनिकता की वजाय आदिकाल की और लेकर जा रही है

इनका कहना है –

मामला संज्ञान में आया हे, पीडित परिवार के एक व्‍यक्ति द्वारा जतीय पंचायत के फेसले की शिकातय की है उचित कार्रवाई की जावेगी
उमेश तिवारी -थाना प्रभारी गाडरवारा