कोविड-19 आर.टी-पी.सी.आर और एन्टीजन टेस्ट की दरें निर्धारित

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नई दरों को प्रदर्शित करने के निर्देश , स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश
नवलोक समाचार भोपाल। स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य की सभी आई.सी.एम.आर. और एन.ए.बी.एल. द्वारा कोविड-19 की जाँच के लिये अनुमोदित प्रयोगशालाओं एवं मान्यता प्राप्त एन.बी.ए.एच. अस्पतालों में प्राप्त में आर.टी.-पी.सी.आर. और रेपिड एन्टीजन टेस्ट की दरे निर्धारित की गई हैं। जाँच की नवीन दरों को प्रयोगशालाओं और अस्पतालों के प्रबंधन द्वारा ऐसे स्थान पर जहाँ से सभी को सहजता से नजर आ जाए, वहाँ प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए गए है।
      आर.टी.पी.सी.आर. टेस्ट की दर पैथौलॉजी में सेम्पल कलेक्शन किये जाने पर 1200 रुपये प्रति मरीज लिया जायेगा। यदि सेम्पल कलेक्शन मरीज के घर जाकर किया जाता है तो 200 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकता है। इस शुल्क में सेम्पल कलेक्शन ट्रांसपोर्ट शुल्क, कंज्युमेबल, पीपीई किट एवं अन्य समस्त कर इत्यादि सम्मिलित रहेंगे। इसी प्रकार रेपिड एन्टीजन टेस्ट में अस्पताल/ पैथोलॉजी सेन्टर पर सेम्पल कलेक्शन पर प्रति मरीज 900 रुपये और मरीज के घर जाकर सेम्पल कलेक्शन करने पर 200 रुपये अतिरिक्त लिये जा सकते हैं।
      स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा जारी आदेश में कोविड-19 की आर.टी.पी.सी.आर. जाँच और रेपिड एन्टीजन टेस्ट के संबंध में केन्द्र, राज्य सरकार और आई.सी.एम.आर. द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रोटोकॉल और गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित किये जाने के निर्देश भी प्रयोगशाला और अस्पतालों को दिये गये हैं। सेम्पल लेते समय ही संबंधित व्यक्ति का नाम, पूर्ण पता, वास्तविक मोबाइल नम्बर की सम्पूर्ण सूचना आर.टी.पी.सी.आर. एप पर अपलोड करते हुए संधारित करने और इस सूचना को गोपनीय रखने के लिए कहा गया है। कोविड-19 की जाँच का परिणाम राज्य सरकार और आई.सी.एम.आर. के साथ वास्तविक समय के आधार पर आई.सी.एम.आर. पोर्टल पर साझा करने और इसे तत्काल आर.टी.पी.सी.आर. एप पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए है। प्रयोगशाला और हास्पिटल द्वारा जाँच के परिणाम की सूचना संबंधित मरीज को तत्काल दी जाए और जाँच में संक्रमित पाये जाने पर इसकी सूचना संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और संबंधित आई.डी.एस.पी. सेल को दिए जाने के निर्देश है।   प्रयोगशाला और अस्पतालों को आर.टी.-पी.सी.आर. मशीन से उत्पन्न समस्त डाटा, ग्राफ और किट्स के बैच नम्बर के रिकार्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिये गये हैं। निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं के प्रबंधन को एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर इसकी सूचना संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, राज्य आई.डी.एस.पी. शाखा को देने के निर्देश दिये गये हैं।